| डायनासोर्स का आखरी दिन | | LAST DAY OF DINOSAURS |
हेल्लो दोस्तों आप सभी ने कभी ना कभी डाइनोसॉर्स का नाम तो सुना ही होगा या फिर किसी किताब या किसी म्यूजियम में इनके बारे में पढ़ा होगा या फिर इनकी तस्वीर देखि होगी। दोस्तों आपने कभी यह सोचा की आखिर ऐसा तो क्या हुआ था की देखते ही देखते इतने विशालकाय जिव अचानक से निश्तो-नाबूद हो गए ???
हेल्लो दोस्तों में हूँ प्रवीन और आप सबका स्वागत है आपके अपने ब्लॉग साई-फंडा (SCI-FUNDA) पे , तो दोस्तों आज हम बात करने वाले है की आखिर ऐसा क्या हुआ था की जिससे डायनासोर्स अस्तित्व ख़त्म हो गया।
हम आपको पहले यह बता देना चाहेंगे की करीबन 66 मिलियन (66 million, 6.6 crores ) सालो पहले इस पृथ्वी पर विशालकाय जीवो का राज था आज जिन्हे हम डायनासोर्स के नाम से जानते है। तो चलिए आज हम आपको 6.6 करोड़ साल पहले ले चलेंगे और आपको बताएंगे की आखिर उस दिन या उस समय हुआ था डाइनोसॉर्स के साथ में तो चलिए.......
दोस्तों एक उल्कापिंड की जिसका आकर माउंट एवेरेस्ट से भी ज्यादा था और जो पृथ्वी से 1500 किलोमीटर की दुरी से आवाज से भी 500 गुना ज्यादा रफ़्तार से पृथ्वी पर आ गिरा और बूममममममम..... देखते ही देखते सबकुछ ख़त्म, दोस्तों यह टककर इतनी भयानक थी की पृथ्वी की ठोस जमीं किसी प्रवाही की तरह व्यवहार करने लगी और पृथ्वी पर एक 115 किलोमीटर से भी ज़्यादा बड़ा गढ्ढा बन गया। इस टक्कर ने पृथ्वी पर करीबन 75%-80% जीवन को पूरी तरह से ख़त्म कर दिया।
अभी के समय में मैक्सिको ( Mexico ) नाम से जानी जाने वाली जगह जो की U.S.A का राज्य है यह वही जगह हे जहाँ पर करोड़ो साल पहले उल्कापिंड गिरा था और इसी जगह से विनाश की शुरुआत हुई थी और जहा पर यह उल्कापिंड गिरा था वो जगह हल में गल्फ ऑफ़ मैक्सिको ( Gulf of mexico ) नाम से जाना जाता है और जो गढ्ढा बना था उस गढ्ढे को चिकसुलूब क्रेटर (Chicxulub crater ) नाम से जाना जाता है। जो की पृथ्वी का दुसरा सबसे बड़ा क्रेटर है।
आप सब यह तो जानते होंगे की अभी पुलवामा एक 200 किलो TNT ने कितनी भयानक तबाही मचाई थी, अगर में यह कहु की उल्का से होने वाला विस्फोट करीबन 10000 करोड़ टन ( 10000 crore ton ) TNT से होने वाले विस्फोट के बराबर था। या फिर यूँ कहे की जो विस्फोट 10 सबसे बड़े नुक्लेअर बम ( Nuclear bomb ) से होने वाले धमाकों के बराबर था।
नौ ( 9 ) सेकंड के बाद इसके रास्ते में आने वाली हर चीज़ को यह जलाकर नष्ट कर देता है , आग की भयंकर सुनामी ( tsunami ) जो 1000 फ़ीट ( 305 meters ) ऊँची थी और 45 मिनिट ( 45 minutes ) के बाद भी इसकी रफ़्तार करीबन 1000 किलोमीटर प्रति घंटा थी इसने पृथ्वी पर सबकुछ जलाकर नाश कर दिया।
दोस्तों वो कहा जाता है ना की किसी एक चीज़ का अंत दूसरी चीज़ की शुरुआत होती है !!! वैसे ही डायनोसोर्स का विनाश नये जीवन की शुरुआत थी भले ही पृथ्वी पर फिरसे जीवन पलपने में लाखो साल लग गए और अब इस पृथ्वी पर मनुष्यो का राज चलता है जो अपनी पूरी कोशिश कर रहा की किसी तरह से पृथ्वी का विनाश हो जाए।
दोस्तों जरा सोच कर देखिये आप अपने घर में बैठे है और आपको आसमान से एक सफ़ेद आग का गोला जो पृथ्वी की तरफ बहुत ही तेज रफ्त्तार से आ रहा है और जिसका आकर बहूत बड़ा है तो आप क्या करोगे आप ? हमे कमेंट करके जरूर बताइयेगा।
अगर आपको हमारा यह पोस्ट अच्छा लगे तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर कीजियेगा , आपने कीमती अभिप्राय कमेंट करके बताये और हमें फेसबुक (Facebook ), टविटर ( Twitter ), इंस्टाग्राम ( Instagram ) और पिनटेरेस्ट ( Pinterest ) पे फॉलो जरूर कीजियेगा धन्यवाद , Thank you
| मनुष्य बिना की पृथ्वी | | EARTH WITHOUT HUMANS |
आखिर क्या हुआ था डायनोसॉर्स के साथ ?? ( What happened to dinosaurs ??)
अंतरिक्षसे हरेक 30 सेकण्डमें कोई ना कोई उल्कापिंड हमारी पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करता है परन्तु उनका आकार छोटा होने की वजह से वो सब जमीन पर पहोंचनेसे पहले ही नष्ट हो जाते है और अगर कोई पहुँच भी जाता है तो वो समुन्द्र में जा गिरता है ऐसा बहुत कम होता है की कोई उल्कापिंड किसी रहेशी इलाके में गिरे। दोस्तों में आपको यह बता देना चाहूंगा की डायनोसॉर्स का विनाश एक उल्कापिंड ने किया था। 6.6 करोड़ साल पहले एक विशालकाय उल्कापिंड पृथ्वी पे आ गिरा था जिसने उस समय पृथ्वी पर मौजूद 75% जीवो का सर्वनाश कर दिया था। तो चलिए पहले जानते है उस उल्कापिंड के बारेमे...........| विज्ञान की ऐसी खोजे जिन पर आपको विश्वास नई होगा | | SUCH DISCOVERIES OF SCIENCE THAT YOU WOULDN'T BELIEVE | (PART 2)
चिकसुलूब उल्कापिंड (Chicxulub impactor)
आप लोग सोच रहे होंगे की आखिर यह अजीबसा क्या लिखा है तो दोस्तों यह वह धूमकेतु या फिर यह कहे की उल्कापिंड था जिसने 66 मिलियन सालो पहले पृथ्वी पर सर्वनाश फैलाया था। दोस्तों अगर बात करे इस उल्कापिंड के आकार के बारे में तो इसका व्यास ( Diameter ) करीबन 11-81 किलोमीटर का था यानी की पृथ्वीके सबसे पड़े पर्वत माउंट एवेरेस्ट ( Mount-Everest ) से भी ज्यादा बड़ा जो 1500 कलोमीटरकी दुरी से पृथ्वी की तरफ 40000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से पृथ्वी तरफ आ रहा था यह रफ़्तार आवाज की रफ़्तार से भी 500 गुना ज्यादा थी। इतना ही नहीं उसकी सतह का तापमान इतना ज्यादा था की जो पथ्थरो को भी जला के खाख कर दे।दोस्तों एक उल्कापिंड की जिसका आकर माउंट एवेरेस्ट से भी ज्यादा था और जो पृथ्वी से 1500 किलोमीटर की दुरी से आवाज से भी 500 गुना ज्यादा रफ़्तार से पृथ्वी पर आ गिरा और बूममममममम..... देखते ही देखते सबकुछ ख़त्म, दोस्तों यह टककर इतनी भयानक थी की पृथ्वी की ठोस जमीं किसी प्रवाही की तरह व्यवहार करने लगी और पृथ्वी पर एक 115 किलोमीटर से भी ज़्यादा बड़ा गढ्ढा बन गया। इस टक्कर ने पृथ्वी पर करीबन 75%-80% जीवन को पूरी तरह से ख़त्म कर दिया।
| क्या होगा अगर हमारा सूरज अचानक से गायब हो जाये तो ? | | WHAT HAPPENS IF OUR SUN SUDDENLY DISAPPEAR ?
अभी के समय में मैक्सिको ( Mexico ) नाम से जानी जाने वाली जगह जो की U.S.A का राज्य है यह वही जगह हे जहाँ पर करोड़ो साल पहले उल्कापिंड गिरा था और इसी जगह से विनाश की शुरुआत हुई थी और जहा पर यह उल्कापिंड गिरा था वो जगह हल में गल्फ ऑफ़ मैक्सिको ( Gulf of mexico ) नाम से जाना जाता है और जो गढ्ढा बना था उस गढ्ढे को चिकसुलूब क्रेटर (Chicxulub crater ) नाम से जाना जाता है। जो की पृथ्वी का दुसरा सबसे बड़ा क्रेटर है।
विस्फोट कितना शक्तिशाली था ?? ( How powerful was the explosion )
दोस्तों आप सब जानते है की अगर एक ट्रक के टायर मात्र फट जाने से एक अच्छा-खासा विस्फोट सुनाई देता है तो जरा सोचिये एक विशालकाय उल्का गिरने से होने वाला विस्फोट कितना बड़ा होगा ?आप सब यह तो जानते होंगे की अभी पुलवामा एक 200 किलो TNT ने कितनी भयानक तबाही मचाई थी, अगर में यह कहु की उल्का से होने वाला विस्फोट करीबन 10000 करोड़ टन ( 10000 crore ton ) TNT से होने वाले विस्फोट के बराबर था। या फिर यूँ कहे की जो विस्फोट 10 सबसे बड़े नुक्लेअर बम ( Nuclear bomb ) से होने वाले धमाकों के बराबर था।
| क्या होगा अगर हम अपना सारा कचरा एक जिन्दा ज्वालामुखी में फेंक दे तो ?? | WHAT HAPPENS IF WE THROW OUR ALL TRASH IN LIVE VOLCANO?? |
विस्फोट के बाद क्या हुआ ?? ( What happened after the explosion?? )
उल्का की टककर जमीन से होते ही उसका प्रभाव ( Impact ) पृथ्वी के कई किलोमीटर तक अंदर होता है जिससे 185 किलोमीटर चौड़ा गढ्ढा बन जाता है। इस टकराव से जो भूकंप आया होगा वो अगर 160 निरंतर चले भूकंप उसके बराबर था, इस टकराव से बने हुए आग के गोले ने कुछ सेकण्ड्स के अंदर ही 1000 किलोमीटर तक सबकुछ ख़तम कर दिया।नौ ( 9 ) सेकंड के बाद इसके रास्ते में आने वाली हर चीज़ को यह जलाकर नष्ट कर देता है , आग की भयंकर सुनामी ( tsunami ) जो 1000 फ़ीट ( 305 meters ) ऊँची थी और 45 मिनिट ( 45 minutes ) के बाद भी इसकी रफ़्तार करीबन 1000 किलोमीटर प्रति घंटा थी इसने पृथ्वी पर सबकुछ जलाकर नाश कर दिया।
| ब्लैक होल्स के बारे में सबकुछ | | EVERYTHING ABOUT BLACK HOLES |
इस धमाके की वजह से आग की राख पृथ्वी के वातावरण में फ़ैल गई, और भयंकर आग की वजह से करीबन 1000000 करोड़ टन कार्बन डायोक्साइड , 1000 करोड़ टन कार्बोन मोनोक्साइड और 1000 करोड़ टन मीथेन गैस का निर्माण हुआ और तो और पृथ्वी का ओज़ोन स्तर पूरी तरह तबाह हो गया जिसको फिर से बनने और पृथ्वी के वातावरण को पूरी तरह से ठीक होने में लाखो साल लग गए।दोस्तों वो कहा जाता है ना की किसी एक चीज़ का अंत दूसरी चीज़ की शुरुआत होती है !!! वैसे ही डायनोसोर्स का विनाश नये जीवन की शुरुआत थी भले ही पृथ्वी पर फिरसे जीवन पलपने में लाखो साल लग गए और अब इस पृथ्वी पर मनुष्यो का राज चलता है जो अपनी पूरी कोशिश कर रहा की किसी तरह से पृथ्वी का विनाश हो जाए।
| what happens if humans become immortal | | अगर मनुष्य अमर हो गया तो क्या होगा ? |
दोस्तों जरा सोच कर देखिये आप अपने घर में बैठे है और आपको आसमान से एक सफ़ेद आग का गोला जो पृथ्वी की तरफ बहुत ही तेज रफ्त्तार से आ रहा है और जिसका आकर बहूत बड़ा है तो आप क्या करोगे आप ? हमे कमेंट करके जरूर बताइयेगा।
अगर आपको हमारा यह पोस्ट अच्छा लगे तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर कीजियेगा , आपने कीमती अभिप्राय कमेंट करके बताये और हमें फेसबुक (Facebook ), टविटर ( Twitter ), इंस्टाग्राम ( Instagram ) और पिनटेरेस्ट ( Pinterest ) पे फॉलो जरूर कीजियेगा धन्यवाद , Thank you








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